Tuesday, 4 June 2019

वेब होस्टिंग क्या है? यह कैसे काम करता है? (What is Web Hosting in Hindi)



Web Hosting kya hai in Hindi

किसी भी वेबसाइट को इन्टरनेट पर दिखाने के लिए वेब होस्टिंग की जरुरत पड़ती है। यदि आप वेबसाइट बनाने जा रहे हैं या आपको यह जानना है की वेबसाइट कैसे बनता है तो आपको वेब होस्टिंग के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।

आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की वेब होस्टिंग क्या होता है?, ये कितने प्रकार होते हैं?, यह कैसे काम करता है? इसके क्या-क्या features होते हैं?  होस्टिंग और डोमेन में क्या अंतर है? आदि

वेब होस्टिंग क्या है? (What is web hosting in Hindi?)

जब आप वेबसाइट या ब्लॉग बनाते हैं तो उसके सारे contents जैसे images, videos, pages आदि को सर्वर में स्टोर करना पड़ता है ताकि दूसरे लोग इन्टरनेट के जरिये उसे access कर पायें।

Web hosting एक प्रकार की service है जो की हमें अपनी website को internet पर upload करने की सुविधा प्रदान करती है।

वेबसाइट होस्टिंग के लिए हमें एक powerful server की जरुरत पड़ती है जो की हमेशा इंटरनेट से connected होना चाहिए ताकि हमारी वेबसाइट 24 घंटे बिना किसी समस्या के users के लिए उपलब्ध रहे।

चूंकि इस प्रकार के सर्वर को हम खुद maintain नही कर सकते क्योंकि की इसका mantanance cost बहुत अधिक होता है, इसलिए हम वेबसाइट होस्टिंग के लिए web hosting companies का सहारा लेते हैं। वेब होस्टिंग कंपनियों के पास खुद का powerful server, technology और technical staffs होते हैं।

हम इनसे मासिक या सालाना पैकेज के हिसाब से hosting service खरीद लेते हैं और इनके सर्वर में हमें space मिल जाता है जहाँ हम आसानी से अपनी वेबसाइट को host कर पाते हैं।


वेब होस्टिंग कितने प्रकार के होते हैं? Types of web hosting in Hindi

Web hosting भी कई प्रकार के होते हैं, जब हम वेबसाइट बनाते हैं तो अपनी जरुरत के अनुसार हम होस्टिंग खरीदते हैं। यह मुख्यतः 4 प्रकार के होते हैं:
  • Shared
  • Dedicated
  • VPS
  • Cloud
चलिए अब इन्हें थोडा विस्तार से समझते हैं:

Shared Hosting: 
Shared Hosting in Hindi

जैसा की नाम से पता चल रहा है, इस प्रकार की होस्टिंग में कई सारे वेबसाइट एक ही सर्वर का उपयोग कर रहे होते हैं।

चूंकि, आप एक साथ कई सारे websites मिलकर एक ही server के space, RAM, और CPU का use कर रहे हैं इसलिए यह दूसरे होस्टिंग के मुकाबले आपके लिए काफी सस्ता होगा।

जैसे यदि आप कहीं जाने के लिए खुद की कार का उपयोग करेंगे तो आपको अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे, वहीँ यदि आप बस में यात्रा करते हैं तो आपके काफी पैसे बच जायेंगे।

यात्रा के समय बस में यदि भीड़ अधिक हो जाये तो आपको समस्या आ सकती है, ठीक इसी तरह शेयर्ड होस्टिंग में भी कभी-कभी कुछ समस्याएं आ सकती हैं।

जैसे यदि आपकी website में traffic बहुत ज्यादा आ जाये तो वेबसाइट की स्पीड कम हो जाएगी और हो सकता है आपके visitors को कुछ technical errors दिखाई देने लगे।

Shared hosting किसके लिए बेहतर है:
यदि आपका business छोटा है या आप अभी शुरुआत कर रहे हैं तो इस प्रकार का होस्टिंग आपके लिए बहुत ही बेहतर है। यदि आप ब्लॉग बना रहे हैं तो आपको शेयर्ड होस्टिंग से ही शुरुआत करनी चाहिए। Shared hosting में वेबसाइट होस्ट करना बहुत ही आसान होता है। इसमें कई सारे tools और plugins को आप बड़ी आसानी से install कर सकते हैं।

Dedicated Hosting:
Dedicated Hosting in Hindi

इसमें पूरे सर्वर पर आपका ही अधिकार होता है। इसके कई सारे फायदे हैं, लेकिन यह दूसरे hosting के मुकाबले बहुत ही महंगा होता है। चूंकि पूरे सर्वर पर सिर्फ आपकी ही website host हो रही है इसलिए यह पूरी तरह से आपके control में होता है। आपके इसके opertating system और अन्य settings में बदलाव कर सकते हैं।

डेडिकेटेड होस्टिंग का एक फायदा यह भी है की आप अधिक ट्रैफिक की वजह से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं। इससे आपकी वेबसाइट की स्पीड और performance increase होती है।

Dedicated Hosting किसके लिए बेहतर है:
ऐसे website जिस पर बहुत अधिक traffic होता है उसे डेडिकेटेड होस्टिंग लेनी चाहिए। अगर आपका कोई ecommerce website है जिसका साइज़ बहुत बड़ा है तो आपके लिए यह बहुत ही बेहतर होस्टिंग होगी।

VPS (Virtual Private Server) Hosting: 
VPS Hosting in Hindi

VPS होस्टिंग को हम shared और dedicated hosting दोनों का मिश्रण समझ सकते हैं। इस model में आपके पास एक dedicated server होता है लेकिन यह सर्वर virtual server होता है न की physical, चलिए थोडा विस्तार से समझते हैं:

यहाँ पर एक सर्वर को अलग-अलग कई सारे virtual servers में बाँट दिया जाता है। एक वेबसाइट के लिए एक वर्चुअल सर्वर दिया जाता है और उस हिस्से पर सिर्फ उसी का अधिकार होता है।

यहाँ पर shared hosting के मुकाबले एक वेबसाइट को अधिक space, computing power और bandwidth मिलता है इसलिए VPS hosting में शेयर्ड होस्टिंग के मुकाबले page load time अधिक fast हो जाता है।

यह डेडिकेटेड होस्टिंग से बेहतर तो नही होता लेकिन शेयर्ड होस्टिंग से यह ज्यादा अच्छा है। यदि आपको लगता है की आपकी साईट पर बहुत अधिक volume में traffic आने वाली है तो आपको यह पता होना चाहिए की इसे VPS hosting में भी कुछ limitations होते हैं।

VPS होस्टिंग का कौन उपयोग करता है?
कम मात्रा में ट्रैफ़िक पाने वाली छोटी वेबसाइटें भी VPS होस्टिंग का लाभ उठा सकती हैं। यदि आपको लगता है की आपकी साइट की लोडिंग स्पीड कम हो रही है, तो आप एक shared hosting की तुलना में VPS होस्टिंग को चुनना बेहतर होगा।

Cloud Hosting: 
Cloud Hosting in Hindi

डेडिकेटेड सर्वर और VPS के साथ समस्या यह है की आपके पास resources कम होते हैं यहाँ पर storage और capacity की एक limit होती है। हालाँकि ज्यादातर websites इस limitation तक पहुँच नही पाते हैं, लेकिन कभी-कभी वेबसाइट के कुछ contents viral हो सकते हैं और इससे अचानक ट्रैफिक बढ़ जाती है जिसे handle करना मुश्किल होता है।


इन समस्याओं का solution आपको क्लाउड होस्टिंग में मिल सकता है। यहाँ पर कोई एक server नही बल्कि कई सारे सर्वर एक साथ मिलकर आपकी वेबसाइट को होस्ट करते हैं।

पिछले कुछ सालों में क्लाउड होस्टिंग बहुत ही ज्यादा popular हुआ है और इसका चलन बढ़ता ही जा रहा है।

क्लाउड होस्टिंग पर आपकी साइट पर high volumn traffic इसकी लोडिंग गति को प्रभावित नहीं करता है।

हालाँकि, आप dedicated hosting की तरह इसमें पूरे सर्वर को कण्ट्रोल नही कर सकते, यानी आप किसी भी सर्वर सेटिंग्स को नहीं बदल सकते हैं या कोई विशेष सॉफ़्टवेयर install नहीं कर सकते हैं।

लेकिन यदि आपके पास एक साधारण वेबसाइट है और आपको अधिक तकनीकी विकल्पों की आवश्यकता नहीं है, तो आपके लिए क्लाउड होस्टिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

क्लाउड होस्टिंग का कौन उपयोग करता है?
Cloud hosting बहुत ही flexible hosting solution है। आप अपने जरुरत के अनुसार डिस्क स्पेस और मेमोरी को बढ़ा सकते हैं। यह organizartions के लिए perfect तो है ही इसके अलावा ऐसे website owners जो समय-समय पर traffic spikes की वजह से परेशान रहते हैं उनके लिए भी यह बहुत ही उपयोगी है।

वेब होस्टिंग कैसे काम करता है?

वेब होस्टिंग के लिए कई सारी कंपनियां होती हैं जो की website owners को अपने सर्वर पर वेबसाइट होस्ट करने की सुविधा देते हैं और बदले में हर महीने आपसे कुछ पैसे लेते हैं। वेबसाइट के सारे HTML pages, images, videos आदि को सर्वर में अपलोड करने के बाद उसे इन्टरनेट के माध्यम से कभी भी किसी भी समय वेब एड्रेस (डोमेन नाम) के जरिये कोई भी देख सकता है।

जब भी कोई internet user अपने वेब ब्राउज़र में वेब एड्रेस डालकर आपके वेबसाइट पर आएगा तो उसका कंप्यूटर उस सर्वर से कनेक्ट हो जायेगा जहाँ आपने वेबसाइट की होस्टिंग की है। अब server उन HTML pages और contents को visitor के ब्राउज़र पर display कर देगा।

वेब होस्टिंग और डोमेन में क्या अंतर है? Domain Vs Hosting in Hindi

डोमेन नाम और वेब होस्टिंग दो अलग-अलग चीजें हैं। लेकिन  कई सारी companies ऐसी होती हैं जो डोमेन और होस्टिंग दोनों बेचते हैं। उदाहरण के लिए - GoDaddy, यह दुनिया का सबसे बड़ा डोमेन रजिस्ट्रार है, लेकिन यह डोमेन के अलावा होस्टिंग की सुविधा भी प्रदान करता है।

और यह भी एक वजह है की नये लोग वेब होस्टिंग और डोमेन के बीच लोग अक्सर भ्रमित रहते हैं।

अगर हम आसान शब्दों में कहें तो:

"एक डोमेन नेम आपके घर के पते की तरह है; जबकि वेब होस्टिंग, आपके घर के कमरे हैं जहाँ आप अपना सामान रखते हैं।"

यहाँ पर पता domain name होता है जो की आपके वेबसाइट का address है और storage के लिए कंप्यूटर हार्ड डिस्क, मेमोरी आदि उपयोग होते हैं जिन्हें वेब होस्टिंग कहा जाता है।

यह भी पढ़ें: डोमेन नेम क्या है? What is Domain Name in Hindi?

होस्टिंग में क्या-क्या Features होते हैं?

होस्टिंग खरीदते समय आपको नीचे दिये गये कुछ basic features का ध्यान जरूर रखना चाहिए ये hosting type, hosting company और plan के अनुसार अलग-अलग भी हो सकते हैं।

Bandwidth: बैंडविड्थ आपकी वेबसाइट और visitors के बीच एक निश्चित समय में transfer होने वाले डाटा की मात्रा को बताता है। अधिक बैंडविड्थ से एक ही समय में अधिक से अधिक लोग आपकी वेबसाइट को बिना किसी रूकावट के access कर सकते हैं वहीँ low bandwidth से आपके website की speed कम हो सकती है।

Uptime: यह एक विश्वसनीय वेब होस्टिंग provider की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है। कई कंपनियां guarenteed uptime देती हैं जिसका मतलब है कि आपकी वेबसाइट कम से कम 99.9 प्रतिशत समय  अपने visitors के लिए उपलब्ध रहेगी।

Storage:  हर hosting account में आपको अपने वेब पेज, ग्राफ़िक्स, अन्य मीडिया फाइल्स आदि को स्टोर करने के लिए पर्याप्त disk space होना चाहिए। आपको अपनी जरूरतों का ध्यान रखते हुए ही अपने लिए best hosting plan चुनना चाहिए।

Email: आप web hosting के साथ-साथ ईमेल होस्टिंग की सुविधा ले सकते हैं जिसमे आप अपने लिए या अपनी आर्गेनाइजेशन के लिए custom email address बना सकते हैं। email hosting में आपको ईमेल रिसीव करने, मेल भेजने से लेकर कई अन्य features जैसे virus & spam filters, address book, calander आदि भी होते हैं।

Backups: कभी-कभी आपके कंप्यूटर से कुछ फाइल्स डिलीट हो जाते हैं और आपका data loss हो जाता है। इस बात का ध्यान रखें की सर्वर भी एक प्रकार का कंप्यूटर ही है इसमें भी data loss होने का खतरा रहता है इसलिए इस बात का ध्यान रखें की आपका hosting providers आपको backup की सुविधा दे रहा है या नही।

Customer Support: यह भी बहुत ही महत्वपूर्ण है, आपको पता होना चाहिए कि आपका होस्टिंग प्रदाता आपकी तकनीकी सहायता के लिए उपलब्ध रहता है या नही, क्या आप उन्हें फोन कर सकते हैं? वे कौन से समय उपलब्ध रहते हैं? क्या आप उन्हें ईमेल भेजकर अपनी समस्या बता सकते हैं? उनका response time क्या है? क्या लाइव चैट की सुविधा है? क्या उनके पास forum, tutorial articles आदि हैं? इन सुविधाओं से आप भविष्य में आने वाली hosting से related किसी भी परेशानी को आसानी से सुलझा सकते हैं।

आगे पढ़ें:

उम्मीद है आपको वेब होस्टिंग के बारे में यह जानकारी पसंद आई होगी।

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