Friday, 23 November 2018

डिजिटल मार्केटिंग क्या है? कितने प्रकार के होते हैं?



"डिजिटल मार्केटिंग" बीते कुछ सालों से यह शब्द बहुत ही ज्यादा प्रचलन में है। मार्केटिंग का अर्थ तो सभी को पता है, अपने उत्पाद का प्रचार-प्रसार करना और ग्राहक तक अपनी पहुँच बनाना यह किसी भी मार्केटिंग का एक मुख्य उद्देश्य होता है।

लेकिन जैसे-जैसे समय बदलता जा रहा है व्यापार करने के तौर-तरीके भी बदलते जा रहे हैं, अब लोग व्यापार करने के पारंपरिक तरीके से निकल कर डिजिटल मार्केटिंग की ओर बढ़ रहे हैं।

तो अब सवाल पैदा होता है की आखिर डिजिटल मार्केटिंग क्या है? क्या यह बिज़नस को आगे बढाने के लिए जरुरी है? इसके क्या-क्या फायदे हो सकते हैं? आज हमने यहाँ इन्हीं सवालों के जवाब आसान भाषा में देने की कोशिश की है।

Digital Marketing in Hindi


डिजिटल मार्केटिंग क्या है? आसान शब्दों में यदि हम इसे परिभाषित करें तो यह कुछ इस तरह हो सकता है: किसी प्रोडक्ट या सर्विस के प्रचार-प्रसार के लिए किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग करना डिजिटल मार्केटिंग कहलाता है।

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की कई लोग इन्टरनेट मार्केटिंग को ही डिजिटल मार्केटिंग समझ लेते हैं लेकिन सच तो यह है की डिजिटल मार्केटिंग अपने-आप में व्यापक है और इन्टरनेट मार्केटिंग उसका एक हिस्सा है।

जब हम रेडियो के ज़माने में थे तब से इसका उपयोग हो रहा है, आप रोड पर चलते हुए सड़क किनारे इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड्स पर लगे विज्ञापन देखते हैं, यह भी डिजिटल मार्केटिंग का ही एक उदहारण है।

डिजिटल मार्केटिंग की शुरुआत कैसे हुई? जैसे की हमने ऊपर कहा की यह रेडियो के ज़माने से चलता आ रहा है और ठीक इसके बाद कंप्यूटर, इन्टरनेट और ईमेल के अविष्कार ने इसकी गति और बढ़ा दी, अब ईमेल के जरिये व्यक्तिगत रूप से लोगों तक अपनी बात पहुंचाई जा सकती थी।

अब लोगों ने कंप्यूटर का जबरदस्त उपयोग करना शुरू कर दिया, उन्हें अपने ग्राहकों की जानकारी किसी रजिस्टर में लिखने के बजाय अब कंप्यूटर पर नोट करना ज्यादा आसान लगने लगा था।

इसी तरह जैसे-जैसे इलेक्ट्रोनिक डिवाइस का उपयोग मार्केटिंग में बढ़ता गया सन 1990 की दशक में इसे डिजिटल मार्केटिंग का नाम दिया गया।

सन 2000 के बाद इन्टरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ने लगी थी, लोग अब किसी सामान को खरीदने से पहले सर्च इंजन पर चीजें ढूँढने लगे थे ऐसे में हर बिज़नस को ऑनलाइन आना जरुरी था।

बाद में सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, लिंक्डइन, यूटूब और ट्विटर ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित करना शुरू कर दिया और आज ये लोगों के निजी ज़िन्दगी का एक अहम् हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में अब सोशल मीडिया भी मार्केटिंग का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है।

उस पुराने समय से लेकर अब तक डिजिटल मार्केटिंग का ट्रेंड लगातार बढता ही गया है। नीचे हमने गूगल ट्रेंड का एक स्क्रीनशॉट दिया है जिसमे देखें तो यह स्पष्ट दिखाई देता है की इस शब्द को सर्च करने की संख्या लगातार बढती ही जा रही है।

digital-marketing-trends

डिजिटल मार्केटिंग कैसे करें? ये कितने प्रकार के होते हैं? इसे हम मुख्य रूप से दो भाग में बाँट सकते हैं: ऑफलाइन मार्केटिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग। चलिए अब इन दोनों को विस्तार से समझते हैं:

ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग: 
जी हाँ, ऑफलाइन मार्केटिंग भी डिजिटल मार्केटिंग का ही एक हिस्सा है। यह मार्केटिंग करने का एक ऐसा तरीका है जिसमे डिजिटल डिवाइस का उपयोग किया तो जाता है लेकिन यह जरुरी नही है की वह इन्टरनेट से जुड़ा हुआ हो।

इस श्रेणी में भी कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग किया जा सकता है जैसे:
  • रेडियो
  • टीवी
  • मोबाइल
रेडियो: इस श्रेणी में यह सबसे पुराना तरीका है जिसमे लोगों तक अपनी आवाज़ और संगीत के माध्यम से रचनात्मक तरीके से अपनी बात पहुचाई जाती है। और कमाल की बात है की रेडियो की लोकप्रियता अभी भी कम नही हुई है और यही कारण है पिछले 10 सालों में रेडियो चैनल्स की आय लगातार बढ़ी है और 2018 में 470 मिलियन डॉलर हो गयी है।

टीवी: हम सभी बचपन से टीवी पर विज्ञापन देखते आ रहे हैं। इनमे से कुछ विज्ञापन जैसे एक्शन स्कूल शूज, झंडू बाम, वाशिंग पाउडर निरमा आदि तो जैसे हमारी यादों में बस गए हैं। लेकिन जब से यूटूब आया है लोग अब टीवी से दूर होते जा रहे हैं। टीवी पर विज्ञापन करने में कई सारी समस्याएं हैं, छोटे बिज़नस के लिए यह बहुत ही महंगा है और इसके अलावा इससे सटीक तरीके से टार्गेटिंग भी नही किया जा सकता जबकि यूटूब में यह बहुत ही आसान है।

मोबाइल: यहाँ पर हम एसएमएस मार्केटिंग की बात कर रहे हैं जिसका उपयोग अब स्मार्टफ़ोन के आने से कम हो गया है लेकिन इसका उपयोग आज भी किया जा सकता है।

ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग:
इसे इन्टरनेट मार्केटिंग भी कहा जाता है, इसके नाम से ही पता चल रहा है की इस प्रकार के मार्केटिंग में ऐसे डिजिटल डिवाइस का उपयोग होता है जो की इन्टरनेट से जुड़े होते हैं जैसे: मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर आदि।

Online Digital Marketing Infographic in Hindi

ऑनलाइन मार्केटिंग भी कई प्रकार के होते हैं जिनमे से कुछ श्रेणियों के बारे में नीचे दिया गया है:
  • सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO)
  • सर्च इंजन मार्केटिंग (SEM)
  • पे-पर-क्लिक एडवरटाइजिंग (PPC)
  • सोशल मीडिया मार्केटिंग (SMM)
  • कंटेंट मार्केटिंग
  • ईमेल मार्केटिंग 
  • एफिलिएट मार्केटिंग
सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO):  यह एक ऐसा तरीका है जिससे किसी वेबसाइट की क्वालिटी को बढाया जाता है ताकि वह सर्च इंजन पर बेहतर स्थान प्राप्त कर सके।

कोई भी वेबसाइट या ब्लॉग तभी सफल होता है जब उस पर लोग विजिट करते हैं। अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक लेकर आना आसान काम नही होता, कई बार विज्ञापन के जरिये प्रमोशन करके ट्रैफिक लाया जाता है लेकिन यदि आप बिना विज्ञापन के अपनी वेबसाइट पर फ्री में ट्रैफिक यानि आर्गेनिक ट्रैफिक लाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज़ करना होगा ताकि आपके वेबसाइट के कंटेंट सर्च इंजन पर दिखाई दे सकें और यह काम SEO द्वारा किया जाता है।

सर्च इंजन मार्केटिंग (SEM):  SEO से हम सर्च इंजन से मुफ्त में ट्रैफिक लेकर आते हैं वहीँ SEM एक पेड तरीका है जिसमे सर्च इंजन जैसे गूगल, बिंग आदि में विज्ञापन करके ट्रैफिक प्राप्त किया जाता है। इसमें विज्ञापनकर्ता को हर एक क्लिक के हिसाब से सर्च इंजन को पैसे देने पड़ते हैं।

पे-पर-क्लिक एडवरटाइजिंग (PPC): यह विज्ञापन का एक तरीका है जिसमे बैनर या टेक्स्ट के रूप में विज्ञापन दिखाया जाता और एडवरटाइजर को हर एक क्लिक पर निर्धारित मूल्य चुकाने होते हैं। 

इसका एक बेहतर उदाहरण आप गूगल पर देख सकते हैं: आप जब भी कुछ सर्च करते हैं तो रिजल्ट वाले पेज में सबसे ऊपर और साइड में कुछ विज्ञापन दिखाई देते हैं वे दरअसल PPC ads ही होते हैं। यह तरीका न सिर्फ सर्च इंजन में होता बल्कि कई सारी वेबसाइट पर PPC विज्ञापनों का उपयोग होता है।

PPC Ads example


सोशल मीडिया मार्केटिंग (SMM): 
सोशल मीडिया मार्केटिंग एक ऐसा तरीका है जिससे सोशल साइट्स जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप्प, इन्स्टाग्राम, यूटूब आदि का उपयोग कर किसी वेबसाइट, प्रोडक्ट या सर्विस को प्रमोट किया जाता है।

आजकल सोशल साइट्स का उपयोग हर कोई करता है बल्कि यह तो हमारी ज़िन्दगी का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। ऐसे में ये सोशल साइट्स मार्केटिंग के लिए एक बहुत ही बढ़िया प्लेटफार्म बन गये हैं। 

कंटेंट मार्केटिंग: यह मार्केटिंग एक नया तरीका है। इसमें हाई-क्वालिटी और रोचक कंटेंट बनायीं जाती है जिससे टार्गेट ऑडियंस को आकर्षित किया जा सके और उन्हें इंगेज रखा जा सके। यहाँ पर कंटेंट का मतलब डिजिटल कंटेंट से है यानि:
  • ब्लॉग पोस्ट
  • विडियो 
  • ई-बुक 
  • इन्फोग्रफिक
  • पॉडकास्ट आदि 
इसका मुख्य उद्देश्य किसी ब्रांड, प्रोडक्ट या वेबसाइट को प्रमोट कर ऑडियंस को ग्राहक बनाना होता है।

ईमेल मार्केटिंग: जी हाँ, ईमेल मार्केटिंग, यह आज भी काम करती है। इसमें कई लोगों को एक साथ प्रमोशनल ईमेल भेजे जाते हैं। इसकी खासियत यह है की यह आसान और सस्ता है। 

एफिलिएट मार्केटिंग: इसमें हम किसी दूसरे व्यक्ति या ब्रांड के प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करते हैं और सेल्स मिलने पर कुछ कमीशन प्राप्त करते हैं।

ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग के क्या-क्या फायदे हैं?
इसके कई सारे फायदे हैं जैसे:
  • यह किफायती है।
  • परिणाम तुरंत दिखाई देते हैं।
  • ब्रांड की विश्वसनीयता को बढाता है।
  • पूरी दुनिया में अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच बनायीं जा सकती है। 
  • ग्राहक से सलाह और प्रतिक्रिया लेना आसान है।
  • टारगेट करना आसान है - आप चाहें तो विज्ञापन सिर्फ उन्हीं लोगों को दिखा सकते हैं जो आपके संभावित ग्राहक हैं।
  • सुविधाजनक है।
सबसे अच्छी बात यह है की आप सारी चीजों का विश्लेषण बड़ी आसानी से कर सकते हैं: आप बड़ी आसानी से पता लगा सकते हैं की आपके ग्राहक कहाँ और किस देश से हैं, कितने लोगों ने आपके विज्ञापन को देखा, कितने लोगों ने क्लिक किया, उनकी उम्र क्या हो सकती है, वे कौन सी भाषा जानते हैं आदि। 

और ये सारी जानकारियां आपको अपने ऑडियंस या ग्राहक को समझने में मदद करेगी जिसके हिसाब से आप अपनी मार्केटिंग प्लान तैयार कर सकते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग कैसे सीखें? डिजिटल मार्केटिंग कोई भी सीख सकता है, इसके लिए आवश्यक है मेहनत, लगन और सही दिशा में काम करने की।

अगर आप किसी संस्था से कोर्स करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए आपको काफी अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे इसलिए हमारी सलाह है की आप सारी चीजें ऑनलाइन ही सीखें।

इन्टरनेट पर जानकारियों की कोई कमी नही है। यहाँ आप ब्लॉग, वेबसाइट और यूटूब के माध्यम से लगभग सारी चीजें सीखी जा सकतीं हैं।


उम्मीद है की आपको डिजिटल मार्केटिंग के बारे में यह जानकारी पसंद आई होगी। यदि आप इससे जुड़े कोई सवाल पूछना चाहते हैं या कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में राय जरुर रखें।

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